आजकाल, जागने से भी सवेरा नहीं होता..🌚🌝

सूरज है रौशन पर, दूर अंधेरा नहीं होता,

आजकाल, जागने से भी सवेरा नहीं होता,

मोबइल में अलार्म, टुनटुना कर कई बार रोता है,

की उठो तो सही, इतनी देर तक क्या कोई सोता है,

हर रोज, एक नये दिन का आभास तो होता है,

पर नये दिन में करने को, कुछ खास नहीं होता है,

कई बार पोधों को मिलते हैं, पत्तियों को गिनते हैं,

और खुद से बातें करते हुए, कई ख्याल बुनते हैं ,

यदि सारी योजनाओं को अंत में अपूर्ण ही रहना था,

तो उनके पाने के लिए इतना कष्ट क्यों सहना था,

जैसे की जीवन में अर्थ कुछ कम होने लगे से हैं,

पर इस सब के बीच भी कुछ सपने जगे से हैं,

सवेरे में जब हम अलार्म को आगे बढ़ाते होते हैं,

ऐसा नहीं की हर उम्मीद छोड़ कर बेसुध सोते हैं,

अँधेरे ने घेरा है तो कुछ रौशनी भी ढूंढ़ते रहना,

सूरज ना मिले तो किसी चाँद को अपना कहना,

कुछ उमीदें रोशन रखना अंधेरों में भी,

क्यूंकि यह बादल छटेंगे कभी न कभी,

©सरिकात्रिपाठी

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Thanks for reading..!!

Keep patience..

Stay healthy, stay happy.. !!

तालाबंदी #lockdown

तन घर में बंधक है तो क्या, मन का पंछी आसमान से खुश हो,

तालाबंदी में सब बाधित है तो क्या, जीवन कम सामान में खुश हो,

घर से काम की सुबिधा पाकर, दफ़्तर का हर लाचार भी खुश हो,

क्या कुछ के बगैर जी सकते हैं, लोभी का मन इस विचार में खुश हो,

घर के कुछ काम खुद करके, हर आलसी अपने पुरषार्थ से खुश हो ,

और बिन काम भी गरीब का बेतन देकर, अपने इस परमार्थ से खुश हो,

खाली गलियों में भूखे पशुओं को, भोजन देकर दान से खुश हो,

घर रहकर परिवार बचाकर, देश को अपने योगदान से खुश हो,

तालाबंदी जब खुल जाएगी , उस नये विश्व के विश्वास से खुश हो,

कुंठित होना बहुत सरल है, आशा भारी हर स्वास से खुश हो,

खुश हो की ईश्वर ने इतना सक्षम किया तुझे, की करे प्रतीक्षा खुले जीवन की,

सबको यह अवसर भी तो नहीं मिला, की रक्षा कर पाते अपने तन की,

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Stay generous, stay humble…

Stay positive, stay home …

Stay healthy, stay safe….

For now just stay … !!!

INDIA FIGHTS CORONA

Though the fight is still on, its good that the light is also on…!!!

The government, all private and public sector companies are coming together and trying their best to make the whole event of lockdown as bearable as possible for everyone. The efforts from all sections working under the lockdown to keep the country operational are both unprecedented and appreciable. I get surprised every day how the seemingly inefficient infrastructure of India has improvised itself to manage the situation well beyond anyone’s expectations. Everything may not be perfect, but then, was anything anyway?

While the whole world and unfortunately including many Indians are waiting for India to fail, the responsible citizens and organisations are fighting with patience and determination to not let that happen. We wish we could do more then sitting at home and contributing to PM fund, but if this is required at the moment, then we stay at it.

Though the fight is still on, its good that the light is also on…!!!

वायरस का भय #COVID-19

जीवन अस्थिर, है असमंजस हर ओर,

वायरस का भय और गणनाओं का शोर,

करोना का होना, ना होना, बड़ा सवाल है,

होने की शंका होना उससे भी बड़ा बबाल है,

कुछ घर में बंधक, कुछ अनजान जगहों में,

भयभीत स्वप्न और शंकाएँ निगाहों में,

घर के काम और घर से काम की कोशिश जारी,

क्या कुछ सीखाके जाएगी ये महामारी,

आपनो के साथ कहीं सब मिल समय गुजारते हैं,

विदेशी धरती पर फसे कहीं अपने देश को पुकारते हैं,

सरकारें नित नये प्रतिबन्ध जारी करती जाती हैं,

नागरिकों से भी जिम्मेदारी की उम्मीद लगाती हैं,

उपचार से बेहतर बचाव, आज का सूत्र है यही ,

स्वास्थ्य के आगे समय या धन का भी कुछ मोल नहीं,

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More strength to all home and abroad.

Everyone take care of yourself

Hope all will be fine soon enough

Thanks for reading…!!

धेय जीवन के .. !!

कुछ धेय चुने थे जीवन के,

कुछ हिस्से थे मेरे मन के,

करना क्या था और कैसे था,

ये सब निर्धारित जैसे था,

पर नियति पर जोर न चल पाया,

मेरे मन जैसा न कल आया,

कोशिश फिर भी जारी रहती,

एक आशा अब भी प्यारी रहती,

अनजान मार्ग आते सम्मुख,

कुछ खुशियाँ और कुछ लाते दुःख,

रुक जाना कोइ उपचार नहीं,

मन कुंठित है लाचार नहीं,

बस हर रोज बढ़े आगे,

मन चाहे हर दिन न लागे,

बदले हैं मार्ग पर धेय नहीं,

झूठी उपलब्धियों से नेह नहीं,

पाकर जिनको मन भारी है,

और निभाने की लाचारी है,

ये बोझ उठाकर बांहों में,

चलते अंजानी राहों में,

विश्वास ह्रदय में बांधेंगे,

एक दिन धेय को साधेंगे !

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Thanks for reading.. !!

Stay happy keep reading .. !!

नव वर्ष हर वर्ष

नव वर्ष हर वर्ष,

वही उमंग वही हर्ष,

बीते वर्ष का अवलोकन,

और नववर्ष उदेश्यों का अंकन,

सर्द ऋतू से पीड़ित तन,

और सूर्यदेव के दुलभ दर्शन,

फिर भी करके सब बाधा पार,

लेकर अवकाश, सपरिवार,

मानते नववर्ष का त्योहार,

नववर्ष मुबारक हर बार.. !!

©sarikatripathi

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Thanks for reading.. !!

Happy New Year 2020 to all …!!

Stay happy stay blessed ..!!

Photo credit : Internet

यादें कुछ भूली भूली सी..

हो रहा सही , सो रहा अभी,
जो कहा नहीं, सो रहा नहीं,
है वो जगह कहाँ , जाना जहाँ,
वो था कब, जब में भी था वहाँ,
आँखों में स्वप्न अधूरे हैं,
कहने को शब्द न पूरे हैं ,
यादें कुछ भूली भूली सी,
बातें कुछ हैं गोधूलि सी,
कुछ खींच रहा मेरे भीतर,
किस तरह में वहाँ जाऊ पर?
मन को अपने समझाता हूँ,
फिर भी क्यों उधर ही जाता हूँ,
जीवन में आगे बढ़ने को,
किसी और की जंग को लड़ने को,
छोड़ा मैंने जो घर था अपना,
अब लगता है भूला सा सपना,
जो याद बहुत तो आता है,
पर अब उससे कोई न नाता है,
जीवन की राहो में आगे,
एक अंधी दौड़ में थे भागे,
अब जब, सब कर, घर ही बसाना था,
तो फिर छोड़ा ही क्यों वो आसियाना था ?
हो कोई अगर तेरे घर पर,
दे ध्यान अभी इस अवसर पर,
यादें वो न भूली भूली हों,
सूनी न सब गोधूलि हों,
इस कारण जाते रहना है,
घर अपने आते रहना है,

©sarikatripathi
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