रोजाना (cont. )

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वही चाहना वही बहाना, रोजाना,
वही रुलाना वही मनाना रोजाना,
थक कर सब छोड़ अकेले चल देना,
फिर लौट के प्यार सजाना रोजाना,

वही दर्द और वही दवाई रोजाना,
वही उद्यम और वही थकाइ रोजाना,
श्रम भर बेतन पाने की खातिर,
सेहत की फिर वही रुसवाई रोजाना,

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रोजाना (1st set)

Thanks for reading.. !!

Stay in love, stay healthy .. !!

दिल से दिल तक … 💞

दिल में चुबता सा एक ख्याल है , जो जाता नहीं,

कितना भी समझाऊं मैं ये दिल मुस्कुराता नहीं,

तुमको चाहता भी है और नाराज भी तुमसे रहता है,

जानना चाहता है ये, की दिल तुम्हारा क्या कहता है,

दूरियों की मजबूरी है या नजदीकियों से डरते हो,

क्या बात है? की जो इस राह से तुम कम गुजरते हो,

आते कभी फुर्सत से तो दिल की दिल से बात हो जाती,

नाराजगी भी इसकी शायद कुछ दूर लगे हाथ हो जाती,

पर तुम ख़ामोशी को ही हथियार की तरह चलाते हो,

कहते कुछ नहीं बस इस दिल को और थोड़ा जलाते हो,

इससे तो एक बार में ही ये किस्सा तमाम कर देते,

मोह्हबत है इससे कहकर इस दिल का काम कर देते,

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आसमां भर ख़्वाहिशें…✊️

आसमां भर ख्वाहिशों को दो मुठ्ठियों का सहारा मिल जाये,
चाहतों के समंदर को एक कोशिश का किनारा मिल जाये,
मंजिलों के पर्वत भी आसानी से हासिल कर लेंगे,
जूनून के तूफानों को, बस अपनी डगर का इशारा मिल जाये

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Stay inspired Stay positive .. !!

राखी पर यादें…

बचपन में साथ ही पढ़ते थे, साथ ही खेला करते थे,

फिर करके हाथापाई , माता की मार भी झेला करते थे,

तुम भाई भी थे और मित्र भी थे,

हर नये साल के मानचित्र भी थे,

एक होड़ तुम्ही से रहती थी, तुमसे बेहतर बन जाने की,

तुम आगे आगे चले सदा, मेरे लिए राह बनाते आने की,

तुमने रक्षा करी नहीं कभी, मुझे समर्थ बनाया बस,

अपनी जंग आप ही जीतो, इतना समझाया बस,

स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई, तुमसे सीखी कर कर लड़ाई,

घर का छूटना मेहसूस नहीं था, क्यूंकि कॉलेज में थे तुम भाई,

लगी नौकरी साथ छूटा, राह अलग हो गयी थी तब,

तुम गए अलग सहर को थे, में गयी अलग सहर थी जब,

वो प्यार रहा, वो नेह रहा , रोजाना फ़ोन पर बात रहीं ,

ऑफिस ऐसा मौसम वैसा, घर जाने की योजना कहीं ,

राखी पर मिल ही जाता था , मौका रसम निभाने का,

हक़ से अपना उपहार मिले , और खर्चा घूमने घुमाने का,

बदले तुम थोड़े जब , शादी का शुभ मुहूर्त आया,

अपने जीवन में नये रिश्तों को तुमने धीरे से अपनाया,

तुम ब्यस्त हुए फिर और भी ग्रास्थी की जिम्मेदारी में,

आपस में संकोच बढ़ा, दिन भर की मारा मारी में,

तुमसे ज्यादा बातें अब तो भाभी से हो जाती हैं,

तुम काम या आलस करते हो, बातें पीछे रह जाती हैं,

समय गया, सहर बदले, फिर सहज हम भी हो गए,

अपने जीवन के रिश्तों में, हम भी थोड़ा सा खो गए,

राखी अब भी मन जाती है, लिफाफे में हो या हाथ में,

भाई पर क्या हम अब वो मित्र नहीं जो कभी रहते थे साथ में?

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Dedicated to my big brother.

“Love you bhai.. but had to say 🙄”

Thanks for reading….!!

Happy Rakshabandhan to all !!!!

प्यार का हक़… 💔❣️

प्यार मांग के नहीं मिलता, छीन लेने की चीज भी नहीं,

तरस खा के दिया गया नेह, खुशियों का बीज भी नहीं,

प्यार का हक़ तो सबको है, पर मिलना आसान नहीं,

क्यूंकि प्यार तो बस भावना है कोई सौदे का सामान नहीं,

प्यार करो तो मिल भी जाये, ऐसा भी जरूरी नहीं,

रिश्तों के बंधन होते हैं पर प्यार कोई मजबूरी नहीं,

किसी के प्यार पर आश्रित होना समझदारी नहीं,

क्यूंकि आपकी खुशी किसी और की जिम्मेदारी नहीं,

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Only if love was not that complex ….!!

Lots of Love to all the readers… !!

Stay happy stay healthy .. !!

मित्र हो ऐसा… 🤝

मित्र हो ऐसा जो मन खोले , कड़वा भी हो पर सच बोले ,

साथ रहे पर हाथ ना दे, गलत करूँ तो साथ ना दे,

दे धीर और उत्साह भी दे, आगे बढ़ने की चाह भी दे,

राह दिखाए जो नेक ही हो, ऐसा हो मित्र, चाहे एक ही हो,

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Thanks for reading .. !!

Happy Friendship Day.. !!

रोजाना

वही रास्ते वही राही रोजाना,
वही कहानी वही स्याहि रोजाना,
ठहर गया जीवन जिस पर आकर,
मंजिल वही और वही रुबाई रोजाना,

वही जागना वही भागना रोजाना,
वही सितारे वही ताकना रोजाना,
आसमान की चाहत पीछे छूट गयी,
पर सपनो के आँचल में चाँद टांकना रोजाना,

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Thanks for reading.. !!