धेय जीवन के .. !!

कुछ धेय चुने थे जीवन के,

कुछ हिस्से थे मेरे मन के,

करना क्या था और कैसे था,

ये सब निर्धारित जैसे था,

पर नियति पर जोर न चल पाया,

मेरे मन जैसा न कल आया,

कोशिश फिर भी जारी रहती,

एक आशा अब भी प्यारी रहती,

अनजान मार्ग आते सम्मुख,

कुछ खुशियाँ और कुछ लाते दुःख,

रुक जाना कोइ उपचार नहीं,

मन कुंठित है लाचार नहीं,

बस हर रोज बढ़े आगे,

मन चाहे हर दिन न लागे,

बदले हैं मार्ग पर धेय नहीं,

झूठी उपलब्धियों से नेह नहीं,

पाकर जिनको मन भारी है,

और निभाने की लाचारी है,

ये बोझ उठाकर बांहों में,

चलते अंजानी राहों में,

विश्वास ह्रदय में बांधेंगे,

एक दिन धेय को साधेंगे !

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नव वर्ष हर वर्ष

नव वर्ष हर वर्ष,

वही उमंग वही हर्ष,

बीते वर्ष का अवलोकन,

और नववर्ष उदेश्यों का अंकन,

सर्द ऋतू से पीड़ित तन,

और सूर्यदेव के दुलभ दर्शन,

फिर भी करके सब बाधा पार,

लेकर अवकाश, सपरिवार,

मानते नववर्ष का त्योहार,

नववर्ष मुबारक हर बार.. !!

©sarikatripathi

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Happy New Year 2020 to all …!!

Stay happy stay blessed ..!!

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