यमलोक में भ्रष्टाचार !

कुछ नेता यमलोक गए हैँ शायद, सत्ता को हतियाया है,

धर्मराज को देकर अवकाश अपना कुछ जाल बिछाया है,

जैसे यमदूतों को लक्ष्य मिले, संख्या कुछ पूरी करने को,

ले आओ जो कमजोर दिखे, या राजी हो जाये मरने को,

सही गलत या पाप पुण्य सब बेबस सत्ता के आगे हों,

अकाल मृत्यु के जाल बिछे, जैसे सब लोग अभागे हों,

अदृश्य विषाणु के बल पर, बाहर जो सबको ताक रहे,

मानसिक रोगों का भेष बना, घर के अंदर भी झाँक रहे,

यमदूत सड़क पर, पटरी पर, हैं अस्पताल, बाजारों में,

घर में भी आकर बैठ गए, और घूम रहे हैं कारों में,

है मिलीभगत कुछ पृथ्वी से, अपने बदले चुकबाती है,

भूकंप के झटके देती है, चक्रबात कहीं पर लाती है,

है अर्थव्यवस्था धराशाई, और पडोसी लड़ाई करना चाहे,

यह जैसे यमदूतों की चालें हैं, जो गिनती का बढ़ना चाहें,

यमराज तुम्ही हो धर्मराज, अपना राज्य संभालो अब ,

भ्रष्टाचार बहुत हो चुका है, कुछ अंकुश लगालो अब,



Thanks for reading… !!

आजकाल, जागने से भी सवेरा नहीं होता..🌚🌝

सूरज है रौशन पर, दूर अंधेरा नहीं होता,

आजकाल, जागने से भी सवेरा नहीं होता,

मोबइल में अलार्म, टुनटुना कर कई बार रोता है,

की उठो तो सही, इतनी देर तक क्या कोई सोता है,

हर रोज, एक नये दिन का आभास तो होता है,

पर नये दिन में करने को, कुछ खास नहीं होता है,

कई बार पोधों को मिलते हैं, पत्तियों को गिनते हैं,

और खुद से बातें करते हुए, कई ख्याल बुनते हैं ,

यदि सारी योजनाओं को अंत में अपूर्ण ही रहना था,

तो उनके पाने के लिए इतना कष्ट क्यों सहना था,

जैसे की जीवन में अर्थ कुछ कम होने लगे से हैं,

पर इस सब के बीच भी कुछ सपने जगे से हैं,

सवेरे में जब हम अलार्म को आगे बढ़ाते होते हैं,

ऐसा नहीं की हर उम्मीद छोड़ कर बेसुध सोते हैं,

अँधेरे ने घेरा है तो कुछ रौशनी भी ढूंढ़ते रहना,

सूरज ना मिले तो किसी चाँद को अपना कहना,

कुछ उमीदें रोशन रखना अंधेरों में भी,

क्यूंकि यह बादल छटेंगे कभी न कभी,



Thanks for reading..!!

Keep patience..

Stay healthy, stay happy.. !!


Before getting into counting the pain and problems I will start with a tip, “Count your Blessings“. It is a rather simple thing you can do to cheer yourself up within seconds. If you have a roof over your head, food on the table, electricity and water running, a place to sleep, you are much better then many lakhs of people on the earth. Further, if your health is reasonably fine and you also have family and friends to talk to, you have the luxury of life. Then if you have a job to trade your time and skills for some money you are even more privileged. Finally, if you have all this at the same place, you should not even complain. But like me, if you don’t have everything I listed above but just a few of them, be hopeful and thankful for what you have.

“When you feel sad, bad or angry just Count your Blessings, to calm down and rationalise your response, not necessarily to forget the cause”

Being alone and being lonely is never the same thing. Many people like to be alone most of the time and enjoy it, many others live alone and yet remain connected to their friends, family and colleagues over virtual means. While many people enjoy an elaborate social life, many others remain lonely even in most dense social setups. It all depends on the balance of what you want and what you get, that decides how you feel about your situation.

“It all depends on the balance of what you want and what you get, that decides how you feel”

The recent times have indiscriminately isolated huge fractions of world population from each other. However, each one of us experiences this isolation very differently. Some of us feel the divide between countries for our travel plans are ruined or someone from the family is abroad. Some of us feel the lack of domestic travel affecting us for similar reasons. But most of us are unaffected by the travel restrictions and miss going out to our offices, markets or gyms & parks. All of us liked our homes but the anxiety that results from restrictions and uncertainty is affecting everyone, maybe on different levels.

Loneliness and depression are creeping in while the world is bracing for the pandemic to pass. The economic meltdown is predicted soon after the economies will try to function after the lockdowns. Job insecurity is adding to the stress of the already frustrated working from the home workforce. All the factors that are mostly out of our hand as an individual.

All this brings us to the importance of maintaining our happiness and sanity more than ever. Every loss brings the possibility of a new beginning, but only those who remain capable of harnessing the opportunity will gain. The idea is to stay positive with focusing is on whatever is going good or at least not gone bad while it could have. Learning something new or something that we have kept on hold for later, can be the most rewarding outcome from the current situation.

Maintaining health is another challenge while restricted with lack of space, equipment and motivation. Well, same old Yoga is at our rescue as it doesn’t need much space or equipment and pandemic itself is the motivation to improve immunity.

We need to believe that no one is alone in this. Whatever will happen, it will happen to all and that everybody will come out together form it. With all the learnings from nature’s punishment hopefully, we will build a better world.

>>>>>>>>>>>>>>>>> until then >>>>>>>>>>>>>>>

stay in, stay safe and stay sane ….!!!


Ch 11

Ch 13


Though the fight is still on, its good that the light is also on…!!!

The government, all private and public sector companies are coming together and trying their best to make the whole event of lockdown as bearable as possible for everyone. The efforts from all sections working under the lockdown to keep the country operational are both unprecedented and appreciable. I get surprised every day how the seemingly inefficient infrastructure of India has improvised itself to manage the situation well beyond anyone’s expectations. Everything may not be perfect, but then, was anything anyway?

While the whole world and unfortunately including many Indians are waiting for India to fail, the responsible citizens and organisations are fighting with patience and determination to not let that happen. We wish we could do more then sitting at home and contributing to PM fund, but if this is required at the moment, then we stay at it.

Though the fight is still on, its good that the light is also on…!!!

वायरस का भय #COVID-19

जीवन अस्थिर, है असमंजस हर ओर,

वायरस का भय और गणनाओं का शोर,

करोना का होना, ना होना, बड़ा सवाल है,

होने की शंका होना उससे भी बड़ा बबाल है,

कुछ घर में बंधक, कुछ अनजान जगहों में,

भयभीत स्वप्न और शंकाएँ निगाहों में,

घर के काम और घर से काम की कोशिश जारी,

क्या कुछ सीखाके जाएगी ये महामारी,

आपनो के साथ कहीं सब मिल समय गुजारते हैं,

विदेशी धरती पर फसे कहीं अपने देश को पुकारते हैं,

सरकारें नित नये प्रतिबन्ध जारी करती जाती हैं,

नागरिकों से भी जिम्मेदारी की उम्मीद लगाती हैं,

उपचार से बेहतर बचाव, आज का सूत्र है यही ,

स्वास्थ्य के आगे समय या धन का भी कुछ मोल नहीं,


More strength to all home and abroad.

Everyone take care of yourself

Hope all will be fine soon enough

Thanks for reading…!!

धेय जीवन के .. !!

कुछ धेय चुने थे जीवन के,

कुछ हिस्से थे मेरे मन के,

करना क्या था और कैसे था,

ये सब निर्धारित जैसे था,

पर नियति पर जोर न चल पाया,

मेरे मन जैसा न कल आया,

कोशिश फिर भी जारी रहती,

एक आशा अब भी प्यारी रहती,

अनजान मार्ग आते सम्मुख,

कुछ खुशियाँ और कुछ लाते दुःख,

रुक जाना कोइ उपचार नहीं,

मन कुंठित है लाचार नहीं,

बस हर रोज बढ़े आगे,

मन चाहे हर दिन न लागे,

बदले हैं मार्ग पर धेय नहीं,

झूठी उपलब्धियों से नेह नहीं,

पाकर जिनको मन भारी है,

और निभाने की लाचारी है,

ये बोझ उठाकर बांहों में,

चलते अंजानी राहों में,

विश्वास ह्रदय में बांधेंगे,

एक दिन धेय को साधेंगे !


Thanks for reading.. !!

Stay happy keep reading .. !!

कृतिम जीवन #digitallife

कृतिम व्यस्तता से जीवन के खालीपन को भर रहे,

जीवन की दौड़ के नाम पर जीवन को नष्ट कर रहे,

शरीर बाहर से पुष्ट हैं और मस्तिष्क रोगी हो रहे,

देखने में प्रसन्नचित्त और अंदर ही अंदर रो रहे,

कृतिम जीवन के प्रचलन से, मानव यथार्थ से दूर है,

निरर्थक आस्तित्व है पर खुशियों का प्रचार भरपूर है,


Enjoy life in real world..

Happy Reading …

Stay healthy ..!!

चिंता से मेरी लड़ाई है … #stress

हैं कष्ट सभी के जीवन में,

पर सच से बहुत बड़ी है चिंता,

संभल को दो शब्द भी मुश्किल,

सौ किस्से लिए खड़ी है चिंता,

हो गृह जीवन या कर्मक्षेत्र ,

हर ओर ही चिंता छाई है,

अपने खुश जीवन की खातिर,

अब चिंता से मेरी लड़ाई है,

मन है, मेरा मनोबल है ,

जीवन की इच्छा सारी है,

कमजोर कर रही भीतर से,

ये चिंता सब पर भारी है,

है बुद्धि और ज्ञान भी है,

ये मेरे तीर कमान भी हैं ,

पर बंधक है भाबुक मन,

और चिंता से संग्राम भी है,

मेरे विरुद्ध चलती है रण में,

है सोच मेरी चिंता के दल में,

थका रही मस्तिष्क को मेरे,

डुबा डुबा चिंता के जल में,

ग्रहयुद्ध सा चलता है अंदर,

मन नहीं मस्तिष्क के वस में,

सही गलत का भेद हो रहा,

धुंधला अब इस असमंजस में,

ले बचा कोई मुझको मुझसे,

दे दिखा मार्ग सुख शांति का,

साधन हो योग शास्त्र जैसा,

करे नष्ट अंधेरा भ्रान्ति का,

हो उपाय समस्या के अनुसार ही,

अनावश्यक चिंतन कम करना है,

सरल जीवन में सुख लाने को,

चिंता का दमन करना है,


More strength to all the stressed.. 🤝

De-stress and stay healthy… !!!

Thanks for reading.

खुशियों के टुकड़े..🥳

टुकड़ो में मिलती खुशियाँ, ध्यान ना दो तोनहीं दिखतीं,

टुकड़े यही जोड़ लेते तो खुशियों की चादर बिछतीं,

छोटे छोटे गमों को जोड़ के उदासी तो बना लेते हैं,

छोटी छोटी खुशियों से फिर क्यों ना नई हसीं खिलतीं,


Thanks for reading..!

Keep happy, Keep smiling.. !!