आजकाल, जागने से भी सवेरा नहीं होता..🌚🌝

सूरज है रौशन पर, दूर अंधेरा नहीं होता,

आजकाल, जागने से भी सवेरा नहीं होता,

मोबइल में अलार्म, टुनटुना कर कई बार रोता है,

की उठो तो सही, इतनी देर तक क्या कोई सोता है,

हर रोज, एक नये दिन का आभास तो होता है,

पर नये दिन में करने को, कुछ खास नहीं होता है,

कई बार पोधों को मिलते हैं, पत्तियों को गिनते हैं,

और खुद से बातें करते हुए, कई ख्याल बुनते हैं ,

यदि सारी योजनाओं को अंत में अपूर्ण ही रहना था,

तो उनके पाने के लिए इतना कष्ट क्यों सहना था,

जैसे की जीवन में अर्थ कुछ कम होने लगे से हैं,

पर इस सब के बीच भी कुछ सपने जगे से हैं,

सवेरे में जब हम अलार्म को आगे बढ़ाते होते हैं,

ऐसा नहीं की हर उम्मीद छोड़ कर बेसुध सोते हैं,

अँधेरे ने घेरा है तो कुछ रौशनी भी ढूंढ़ते रहना,

सूरज ना मिले तो किसी चाँद को अपना कहना,

कुछ उमीदें रोशन रखना अंधेरों में भी,

क्यूंकि यह बादल छटेंगे कभी न कभी,

©सरिकात्रिपाठी

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Keep patience..

Stay healthy, stay happy.. !!

माना की चाँद नहीं..

माना की हर कोई चाँद नहीं होता,

पर तारों के बिना भी आसमान नहीं होता,

चाँद को नजदीकी का फायदा मिलता है,

धरती की नजर में वही अधिक खिलता है,

यूँ तो तारों में ही ज्यादा रौशनी होती है,

वस देखने वाले की नजर की कमी होती है,

की उसको चाँद ही बड़ा दिखता है,

और वो चाँद की ही तारीफें लिखता है,

तारों ने कई वीराने हैं रोशन करे हुए

ब्राह्मण में ऊर्जा के हैं श्रोत बन हुए,

सूर्य भी तो ऐसा ही एक तारा है,

जिससे ही धरती का जीवन सारा है,

खुद को जलाता है फिर भी तारीफें कम हैं,

क्यूंकि चाँद की आँखो में ही संसार के सारे गम हैं,

कुछ लोग चाँद होकर सुंदरता की मिसाल हो जाते,

जबकि बहुत से तारे दूसरों के लिए खुद खो जाते,

अपनी नजरों की कमी को दूर करने की है जरूरत

गौर से देखो तो यह तारे ही ज्यादा हैं खूबसूरत।

©सरिकात्रिपाठी

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Stay happy.. stay safe.. !!!

Picture credit : internet

तालाबंदी #lockdown

तन घर में बंधक है तो क्या, मन का पंछी आसमान से खुश हो,

तालाबंदी में सब बाधित है तो क्या, जीवन कम सामान में खुश हो,

घर से काम की सुबिधा पाकर, दफ़्तर का हर लाचार भी खुश हो,

क्या कुछ के बगैर जी सकते हैं, लोभी का मन इस विचार में खुश हो,

घर के कुछ काम खुद करके, हर आलसी अपने पुरषार्थ से खुश हो ,

और बिन काम भी गरीब का बेतन देकर, अपने इस परमार्थ से खुश हो,

खाली गलियों में भूखे पशुओं को, भोजन देकर दान से खुश हो,

घर रहकर परिवार बचाकर, देश को अपने योगदान से खुश हो,

तालाबंदी जब खुल जाएगी , उस नये विश्व के विश्वास से खुश हो,

कुंठित होना बहुत सरल है, आशा भारी हर स्वास से खुश हो,

खुश हो की ईश्वर ने इतना सक्षम किया तुझे, की करे प्रतीक्षा खुले जीवन की,

सबको यह अवसर भी तो नहीं मिला, की रक्षा कर पाते अपने तन की,

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Stay generous, stay humble…

Stay positive, stay home …

Stay healthy, stay safe….

For now just stay … !!!

धेय जीवन के .. !!

कुछ धेय चुने थे जीवन के,

कुछ हिस्से थे मेरे मन के,

करना क्या था और कैसे था,

ये सब निर्धारित जैसे था,

पर नियति पर जोर न चल पाया,

मेरे मन जैसा न कल आया,

कोशिश फिर भी जारी रहती,

एक आशा अब भी प्यारी रहती,

अनजान मार्ग आते सम्मुख,

कुछ खुशियाँ और कुछ लाते दुःख,

रुक जाना कोइ उपचार नहीं,

मन कुंठित है लाचार नहीं,

बस हर रोज बढ़े आगे,

मन चाहे हर दिन न लागे,

बदले हैं मार्ग पर धेय नहीं,

झूठी उपलब्धियों से नेह नहीं,

पाकर जिनको मन भारी है,

और निभाने की लाचारी है,

ये बोझ उठाकर बांहों में,

चलते अंजानी राहों में,

विश्वास ह्रदय में बांधेंगे,

एक दिन धेय को साधेंगे !

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Stay happy keep reading .. !!

यादें कुछ भूली भूली सी..

हो रहा सही , सो रहा अभी,
जो कहा नहीं, सो रहा नहीं,
है वो जगह कहाँ , जाना जहाँ,
वो था कब, जब में भी था वहाँ,
आँखों में स्वप्न अधूरे हैं,
कहने को शब्द न पूरे हैं ,
यादें कुछ भूली भूली सी,
बातें कुछ हैं गोधूलि सी,
कुछ खींच रहा मेरे भीतर,
किस तरह में वहाँ जाऊ पर?
मन को अपने समझाता हूँ,
फिर भी क्यों उधर ही जाता हूँ,
जीवन में आगे बढ़ने को,
किसी और की जंग को लड़ने को,
छोड़ा मैंने जो घर था अपना,
अब लगता है भूला सा सपना,
जो याद बहुत तो आता है,
पर अब उससे कोई न नाता है,
जीवन की राहो में आगे,
एक अंधी दौड़ में थे भागे,
अब जब, सब कर, घर ही बसाना था,
तो फिर छोड़ा ही क्यों वो आसियाना था ?
हो कोई अगर तेरे घर पर,
दे ध्यान अभी इस अवसर पर,
यादें वो न भूली भूली हों,
सूनी न सब गोधूलि हों,
इस कारण जाते रहना है,
घर अपने आते रहना है,

©sarikatripathi
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कृतिम जीवन #digitallife

कृतिम व्यस्तता से जीवन के खालीपन को भर रहे,

जीवन की दौड़ के नाम पर जीवन को नष्ट कर रहे,

शरीर बाहर से पुष्ट हैं और मस्तिष्क रोगी हो रहे,

देखने में प्रसन्नचित्त और अंदर ही अंदर रो रहे,

कृतिम जीवन के प्रचलन से, मानव यथार्थ से दूर है,

निरर्थक आस्तित्व है पर खुशियों का प्रचार भरपूर है,

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Enjoy life in real world..

Happy Reading …

Stay healthy ..!!

प्रभात चाल.. (morning walk)

सेहत ने साथ देने की सर्त रख दी,
डाइट के ऊपर कसरत की पर्त रख दी,
शुरुआत के लिए प्रभात चाल को आजमाया
और जूतों पर पार्क की गर्त रख दी,

चलने से अधिक जागने का पराक्रम,
और दिनचर्या में सजाने का उपक्रम,
शुरुआत कर लेने से ज्यादा मुश्किल,
बनाये रखना रोज का यह क्रम,

सुन्दर नज़ारे, सुहावन मौसम,
प्रभात के कई रूप अनुपम,
सूरज की पहली किरणों की गर्माहट,
आती पेड़ो से छन छन,

एक घंटे का निवेश सुबह में,
सारे दिन को करे ऊर्जित,
खुशी रहे मन में बस यूँही,
जैसे कुछ कर लिया हो अर्जित,

पर आलस भी हार नहीं माने,
रोज ही लाता नये बहाने,
ठंड कभी तो नींद कभी,
कभी बस यूँही मन भरमाने,

पर सेहत की भी जिद है,
बिना परिश्रम हाथ न देगी,
प्रभात चाल की यह प्रक्रिया,
बंद करी तो साथ न देगी.

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Happy Walking

Stay healthy, stay happy.. !!

चिंता से मेरी लड़ाई है … #stress

हैं कष्ट सभी के जीवन में,

पर सच से बहुत बड़ी है चिंता,

संभल को दो शब्द भी मुश्किल,

सौ किस्से लिए खड़ी है चिंता,

हो गृह जीवन या कर्मक्षेत्र ,

हर ओर ही चिंता छाई है,

अपने खुश जीवन की खातिर,

अब चिंता से मेरी लड़ाई है,

मन है, मेरा मनोबल है ,

जीवन की इच्छा सारी है,

कमजोर कर रही भीतर से,

ये चिंता सब पर भारी है,

है बुद्धि और ज्ञान भी है,

ये मेरे तीर कमान भी हैं ,

पर बंधक है भाबुक मन,

और चिंता से संग्राम भी है,

मेरे विरुद्ध चलती है रण में,

है सोच मेरी चिंता के दल में,

थका रही मस्तिष्क को मेरे,

डुबा डुबा चिंता के जल में,

ग्रहयुद्ध सा चलता है अंदर,

मन नहीं मस्तिष्क के वस में,

सही गलत का भेद हो रहा,

धुंधला अब इस असमंजस में,

ले बचा कोई मुझको मुझसे,

दे दिखा मार्ग सुख शांति का,

साधन हो योग शास्त्र जैसा,

करे नष्ट अंधेरा भ्रान्ति का,

हो उपाय समस्या के अनुसार ही,

अनावश्यक चिंतन कम करना है,

सरल जीवन में सुख लाने को,

चिंता का दमन करना है,

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More strength to all the stressed.. 🤝

De-stress and stay healthy… !!!

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खुशियों के टुकड़े..🥳

टुकड़ो में मिलती खुशियाँ, ध्यान ना दो तोनहीं दिखतीं,

टुकड़े यही जोड़ लेते तो खुशियों की चादर बिछतीं,

छोटे छोटे गमों को जोड़ के उदासी तो बना लेते हैं,

छोटी छोटी खुशियों से फिर क्यों ना नई हसीं खिलतीं,

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Thanks for reading..!

Keep happy, Keep smiling.. !!